नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनजर भारत की ऊर्जा तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की,करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह,वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन समेत मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।

बैठक में प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कच्चे तेल, गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति की समीक्षा की,साथ ही बिजली और उर्वरक सेक्टर की तैयारियों पर चर्चा की,बैठक में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने, लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करने और पूरे देश में वितरण प्रणालियों को सुव्यवस्थित करने पर चर्चा हुई,ताकि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट को रोका जा सके, इस दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को ईंधन की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के साथ शुरू हुई लड़ाई अब अपने तीसरे हफ्ते में है,ईरान ने इजराइल और कई खाड़ी पड़ोसियों पर जवाबी कार्रवाई की, तथा एनर्जी सप्लाई के लिए एक अहम ग्लोबल शिपिंग रूट, होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने कंट्रोल किया जिससे यहां कार्गो शिपों की मूवमेंट पर काफी असर डाला है,जिससे भारत समेत कई देशों में एनर्जी सप्लाई में रुकावट आ रही है,लड़ाई शुरू होने के बाद से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान समेत कई ग्लोबल नेताओं से टेलीफोन पर बात की है।
![]()
