यूपी, ढेड़िया पर्व उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक लोकपर्व है,यह पर्व मुख्य रूप से शरद पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है,यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और लोक संस्कृति का प्रतीक है,इसमें भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना होती है,’ढेड़िया’ पर्व पर मट्टी से बने एक जालीदार बर्तन या हांडी के अंदर देशी घी का दीपक जलाया जाता है,कई जगहों पर महिलाएं और युवतियां सिर या हाथों पर जलता हुआ ढेड़िया रखकर पारंपरिक लोकगीतों पर लोकनृत्य भी करती हैं।
इस पर्व को भगवान श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने और लंका पर विजय पाने की खुशी से जोड़ा जाता है, मान्यता है कि श्रीराम के लौटने पर प्रयाग क्षेत्र की महिलाओं ने मिट्टी के ढेड़िया में दीप जलाकर उनकी नजर उतारी थी। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि स्त्रियों ने शनि देव के भय से मिट्टी की छिद्रदार हांडी में दीपक रखकर भगवान की नजर उतारी थी।
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