आज गुरूवार 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है,कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा का घरों में आगमन होता है, और नौ दिनों तक माता के विभन्न स्वरुपों की पूजा की जाती है,नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की शुरुआत मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को पूजा आर्चना के साथ शुरू हुई।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए इ्न्हे शैलपुत्री कहा जाता है,मां का स्वरूप बेहद शांत और दिव्य माना जाता है,उनका वाहन वृषभ है,मां के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल का फूल होता है, इनकी अराधना से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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