लखनऊ : उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जन-धन के नुकसान को कम करने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। राहत आयुक्त एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने इस संबंध में मुख्य सचिव और नियुक्ति विभाग को पत्र भेजकर जनपदीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इन अधिकारियों को करना होगा कोर्स
राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के समस्त जनपदों के निम्नलिखित अधिकारियों को भारत सरकार के कर्मयोगी पोर्टल (iGOT Karmayogi) पर उपलब्ध आपदा प्रबंधन कोर्सेस में भाग लेना अनिवार्य होगा, जिनमें
जिलाधिकारी (DM) एवं पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) एवं नगर आयुक्त, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, अपर जिलाधिकारी (ADM) और उपजिलाधिकारी (SDM), अपर नगर आयुक्त, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) एवं तहसीलदार होंगे
राहत आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों को कोर्स पूरा करने के बाद एक माह के भीतर अपना प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराना होगा, साथ ही, इन पदों पर तैनात होने वाले नवनियुक्त अधिकारियों के लिए पद ग्रहण करने के पहले महीने के भीतर ही इन कोर्सेस को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है, इसमें
प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदा प्रबंधन योजना।
बाढ़, वज्रपात (बिजली गिरना) और हीटवेव रिस्पॉन्स ट्रेनिंग।
आपदा के दौरान संचार के विभिन्न साधनों का उपयोग।
जोखिम मूल्यांकन और नियंत्रण की ट्रेनिंग दी जाएगी।
कुशल आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने और अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के लिए तैयार करने के उद्देश्य से यह ऑनलाइन ट्रेनिंग बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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