प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज माघ मेला में संगम में स्नान के बाद गंगा पूजन किया,इसके बाद सीएम योगी लेटे हनुमानजी मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया,मेला प्राधिकरण सभागार में सीएम योगी ने मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या की तैयारियों को लेकर समीक्षा की,सीएम योगी ने मीडिया को किया ब्रीफ करते हुए कहा कि प्रयागराज की पावन धरना मां गंगा के सान्निध्य में दैहिक भौतिक तापों से मुक्त होकर आगे बढ़ने का संकल्प लेता है, मां गंगा, यमुना और सरस्वती हैं. एक श्रद्धालु के लिए यह धरती आज के दिन पर उसका प्रत्यक्ष गवाह है,यहां धर्म भी है,यहां न्याय भी है,यहां पर ज्ञान भी है,तीनों को लेकर देशभर के जिज्ञासु इस पावन धरा पर आते हैं,सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज की पावन धरा को भगवान भारद्वाज ऋषि, बाल्मीकि ऋषि सहित अन्य ऋषियों ने इसे सनातन के पावन केंद्र के रूप में विकसित किया था।
इसके बाद सीएम योगी ने संगम तट पर खाक चौक व्यवस्था समिति की ओर से संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा के आश्रम में स्वामी रामानंदाचार्य जी महाराज की 726 वें प्राकट्योत्सव पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया,सीएम ने कहा कि प्रयागराज अनेक पूज्य ऋषि मुनियों की पावन धरा है,726 साल पूर्व इसी धरा पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य का जन्म हुआ था,उनके स्थान का पता किया जा रहा है। उसका सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार कराकर भव्य रूप दिया जाएगा, योगी ने पीएम मोदी को युग पुरुष बताया वहीं कांग्रेस को सनातन धर्म का विरोधी करार दिया।
सनातन धर्म में माघ मास का बहुत महात्व है 75 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है,जिसकी वजह से इसे साधारण माघ नहीं,बल्कि ‘महामाघ मेला’ कहा जा रहा है, जो इसे ऐतिहासिक बना रहा है,शास्त्रों के अनुसार माघ महीने में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में किया गया स्नान मोक्षदायी फल देता है. माघ मेला 3 जनवरी से शुरू हो चुका है और 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि तक चलेगा।
![]()
