नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर जाएंगे,जहां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे,
यह पर्व सोमनाथ मंदिर 1000वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।
इस आयोजन की शुरुआत 8 से 11 जनवरी तक विशेष कार्यक्रमों हो रहा है,जो पूरे वर्ष भर चलेगा,इस चार दिवसीय आयोजन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों की श्रृंखला चलेगी,अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी,सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आत्मसम्मान के भाव को सशक्त करना है,कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक जागरूकता से जुड़े आयोजन किए जाएंगे,स्थानीय प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं,सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने सोमवार को ही एक ब्लॉग पोस्ट में सोमनाथ की 1000 साल की यात्रा पर विचार व्यक्त किया है,उन्होंने लिखा कि 1026 में महमूद गजनवी के हमले से शुरू हुई विनाश की श्रृंखला के बावजूद बार-बार मंदिर का निर्माण हुआ. यह भारत की आत्मा की शाश्वत घोषणा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘विकसित भारत’ के सपने से जोड़ा और कहा कि नफरत विनाश कर सकती है,लेकिन आस्था सृजन करती है,वे श्री सोमनाथ ट्रस्ट के चेयरमैन भी हैं, पीएम मोदी का सोमनाथ से गहरा नाता है. वे ट्रस्ट के नेतृत्व में मंदिर के विकास कार्यों से जुड़े हैं. इनमें सोमनाथ प्रमेनेड, एग्जिबिशन सेंटर और पुराने (जूना) सोमनाथ मंदिर की बहाली शामिल है,वे नियमित रूप से दर्शन के लिए आते हैं,इससे पहले वह मार्च 2025 में आए थे, जहां उन्होंने रुद्र अभिषेक किया और राष्ट्र की समृद्धि की प्रार्थना की थी।
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