नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार ने एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है, अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा,और यही नहीं देश भर के राज्य भवन का नाम अब लोक भवन होगा, इसके साथ ही केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन के नाम से जाना जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने औपनिवेशिक मानसिकता से जुड़ी शब्दावली को बदल हुए, प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) वाले नए कॉम्प्लेक्स का नाम ‘सेवा तीर्थ’ किया गया है, अब यह परिसर प्रशासनिक निर्णयों के साथ-साथ जनसेवा का भी प्रतीक होगा,माना जाता है इन नाम परिवर्तनों के पीछे केंद्र की मोदी सरकार का उद्देश्य शासन में ‘राज’ की जगह ‘लोक’ (जनता) और ‘सेवा’ (सर्विस) की भावना को प्राथमिकता देना है।
अभी हाल ही में ‘राजभवनों’ का नाम बदलकर ‘लोकभवन’ किया गया,गृह मंत्रालय ने 25 नवंबर, 2025 को एक नोटिफ़िकेशन जारी किया है,जिसके अनुसार देश भर के राजभवन और राज निवास का नाम एक साथ लोकभवन और लोक निवास रखने का फैसला किया गया है।
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