बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के धुआंधार प्रदर्शन ने सभी को हैरान कर दिया है,इस चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने जबरदस्त सीट हासिल की वहीं एनडीए के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने भी अपने कोटे की लगभग सभी सीटों पर विजय हासिल की है,तो वहीं महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है,आरजेडी और कांग्रेस को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
बिहार विधानसभा चुनाव मतदान के दौरान दोनों ही चरणों में 65 फीसदी से अधिक मतदान हुआ,243 सीटों में सबसे ज्यादा बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं,वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड को 85 सीटें मिली हैं,एनडीए में शामिल चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीटें मिली हैं,जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) को 5 सीटें जबकि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा 4 सीटें जीतने में सफल रही है।
महागठबंधन ने फ्रेंडली फाइट लड़ते हुए 252 उम्मीदवार उतारे थे,तो वहीं एनडीए के सभी दलों में 242 सीटों पर कैंडिडेट्स को मैदान में उतारा था,महागठबंधन ने राजद नेता तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किया था,राष्ट्रीय जनता दल का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा,पार्टी को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा है,कांग्रेस को छह सीटें मिली,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन को दो सीटें मिलीं,इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी,माकपा और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट मिली है,जबकि असदुद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम पांच सीटें जीतने में कामयाब रही,इस चुनाव में कुछ ऐसे भी दल थे जिन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा,जिसमें प्रशांत किशोर की अगुवाई वाले जन सुराज,तेज प्रताप यादव की अध्यक्षता वाली जन शक्ति जनता दल जैसी पार्टियां शामिल रहीं, जो बिहार की जनता का विश्वास हासिल करने में असफल रही।
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