नई दिल्ली: लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार समेत 40 से अधिक आरोपियों पर राउस एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय किए,सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले लालू परिवार और उनके करीबी लोगों के नाम जमीन कराई गई।
सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया,अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला केवल अलग-अलग लेनदेन का नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक गतिविधि का है,लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया और उनकी ओर से एक व्यापक आपराधिक साजिश रची गई।
आदालत ने माना कि इस मामले में आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है,अगली प्रक्रिया के तहत ट्रायल शुरू किया जाएगा,इस मामले में लालू प्रसाद यादव,राबड़ी देवी, मीसा भारती पर आरोप तय किए गए हैं,इस मामले में कुल 103 आरोपी थे, जिनमें पांच लोगों की मौत हो चुकी है,दिल्ली कोर्ट ने 98 आरोपियों में से 52 को बरी कर दिया है, जबकि लालू के परिवार के सदस्य रेलवे अधिकारी सहित 46 लोगों पर आरोप तय किए हैं।
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