चांदी की कीमतें तीन लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं,सर्राफा बाजार के इतिहास में सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, निवेशकों की जबरदस्त खरीदारी और वैश्विक तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों ने सारी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए,बाजार में चांदी 10 हजार की भारी उछाल के साथ 3,02,600 रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई पर बंद हुई,वहीं, सोना भी 1 हजार 900 चढ़कर 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर जा पहुंचा।

कुछ समय पहले तक जिसे धीमी चाल वाला मेटल माना जा रहा था, इंडस्ट्रियल डिमांड, ग्रीन एनर्जी सेक्टर जैसे फैक्टर्स ने मिलकर चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है,इसके पहले 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव 2,35,701 रुपये था, जो सिर्फ 19 दिनों में 68 हजार 499 रुपये करीब 29% महंगी हो चुकी है, इसके साथ ही सोमवार को एमसीक्स में भी चांदी ने 6% की छलांग लगाई और 3,04,200 रुपये का लेवल को टच कर लिया,चांदी की मौजूदा तेजी सिर्फ ज्वेलरी डिमांड की वजह से नहीं है,इसका बड़ा कारण इंडस्ट्रियल यूज है जो सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और मेडिकल इक्विपमेंट जैसे सेक्टर्स में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है,इसके साथ ही दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की नीतियां और डॉलर में उतार-चढ़ाव भी कीमती धातुओं को सपोर्ट कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च में सप्लाई वाले चांदी के वायदा अनुबंध की कीमत 5.81 अमेरिकी डॉलर यानी 6.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.35 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं,दूसरी ओर सोने के फरवरी में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 102.6 अमेरिकी डॉलर यानी 2.23 प्रतिशत चढ़कर 4,698 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गईं।
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